मानसिक तनाव से होने वाले रोग

Updated: Jul 25


आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में तनाव एक गंभीर बीमारी का रूप ले रहा है। एक व्यक्ति अपने काम या अपनी परेशानियों को इतना बड़ा कर देता है, उसे कई गंभीर बीमारियाँ होने लगती हैं। हम हर दिन समाचार पत्रों में पढ़ते हैं, बहुत से लोग अपने जीवन से दुखी होते हैं और आत्महत्या चुनते हैं। डिप्रेशन एक मानसिक समस्या है जिसमें बहुत से लोग असामान्य हो जाते हैं और अपना मानसिक संतुलन खो देते हैं।

आज के समय में यह समस्या हर दूसरे व्यक्ति को होती है। व्यक्ति कार्यालय के बारे में, परिवार के बारे में बहुत कुछ सोचता है। छोटी समस्याओं को इतना बड़ा बना देता है कि वह खुद उन समस्याओं में पड़ जाता है, जिससे बाहर निकलना उसके लिए बहुत मुश्किल हो जाता है।



तनाव से होने वाले रोग

मधुमेह

जिन लोगों को पहले से मधुमेह है, मानसिक तनाव के कारण उनका मधुमेह बढ़ सकता है और जिन्हें डायबिटीज नहीं है। उन्हें मधुमेह हो सकता है। जिन लोगों को टाइप 2 डायबिटीज है, उनका ग्लूकोज स्तर तनाव के कारण बहुत तेज़ी से बढ़ा है। और इसका एक कारण यह है कि कुछ लोगों में अधिक मीठा खाने और तनाव के दौरान लेटने या बैठने की प्रवृत्ति होती है। यह हानिकारक भी है।


1. मोटापा

अधिक तनाव के कारण पेट पर चर्बी जमा होने लगती है। जो शरीर पर कहीं और संग्रहीत वसा से अधिक हानिकारक है। इस प्रकार का मोटापा अधिक तनाव को भी जन्म देता है। जो हमारे स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है।


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2. बवासीर

मानसिक तनाव से खतरनाक बीमारियां होती हैं। उनमें से एक बवासीर भी है। यह केवल बहुत दर्दनाक है, लेकिन अगर यह बदतर हो जाता है, तो यह रोग कैंसर का रूप भी लेता है। इसलिए मानसिक तनाव से बचें।


3. अस्थमा

मानसिक तनाव की समस्या अस्थमा की समस्या को और अधिक बढ़ा सकती है। मानसिक तनाव भी अस्थमा के दौरे का कारण बन सकता है। कुछ अध्ययनों के अनुसार, माता-पिता अपने बच्चों में अस्थमा की समस्या विकसित कर सकते हैं जब उन्हें अधिक मानसिक तनाव होता है।

इसलिए, उस तनाव को खुद पर हावी होने से रोकने के लिए अपनी दिनचर्या में कुछ बदलाव करना बेहतर होगा। आज के इस युग में, तनाव को पूरी तरह से समाप्त नहीं किया जा सकता है। लेकिन तनाव को कम करना संभव है। इसलिए मानसिक तनाव से होने वाली बीमारी से दूर रहने और स्वस्थ रहने के तरीके अपनाएं।


4. ह्रदय रोग


मानसिक तनाव से होने वाले रोगों में हृदय रोग भी एक घातक बीमारी है। तनाव से कोलेस्ट्रॉल बढ़ता है और तनाव से रक्तचाप भी बढ़ता है, जो हृदय के लिए घातक है। तनाव से पीड़ित व्यक्ति अधिक सिगरेट आदि का सेवन करने लगता है, जिसका असर उसके दिल पर पड़ता है। और फिर धीरे-धीरे यह हृदय रोग घातक बीमारी का रूप ले लेता है।


तनाव से जुड़ी कुछ अन्य बीमारियाँ ( जानकारी )

  1. मानसिक रोग.

  2. आंतों में गड़बड़ी

  3. तनाव सिरदर्द

  4. शराब की लत

  5. उच्च रक्तचाप

  6. यौन दुर्बलता

  7. इस्केमिक दिल का रोग

  8. एसिड पेप्टिक रोग

  9. दुर्बलता

  10. दमा


क्या तनाव लेने से कमजोर हो जाती है आपकी इम्यूनिटी? जानें एक्सपर्ट की राय और स्ट्रेस कम करने के तरीके


बहुत से लोग तनाव के कुछ दुष्परिणामों और प्रभावों के बारे में अवगत नहीं हैं, जिसके कारण इसे नियंत्रित करने में देरी होती है। आप सबने तनाव के कुछ आम लक्षण सुनें होंगे, जिसमें वजन बढ़ना या घटना, लगातार सिरदर्द, भूख में कमी या वृद्धि और हृदय रोगों के खतरे को भी बढ़ाने आदि कई लक्षण हो सकते हैं। इसके अलावा तनाव आपकी त्‍वचा और बालों पर भी बुरा असर डालता है। लेकिन यहां हम तनाव का एक अन्‍य अनसुना प्रभाव बता रहे हैं। क्‍या आप जानते हैं कि तनाव आपके इम्‍यु‍न सिस्‍टम पर भी बुरा असर डालता है? शायद नहीं। लेकिन यहां हम आपको बता रहे हैं कि कैसे तनाव आपके इम्‍युन सिस्‍टम को प्रभावित करता है। जानने के लिए लेख को आगे पढ़ें।

इसे भी पढ़ें: सेहत ही नहीं त्‍वचा पर भी बुरा असर डालता है तनाव, एक्‍सपर्ट से जानें कैसे?


तनाव और इम्‍युन सिस्‍टम के बीच लिंक

तनाव आपके तन और मन दोनों पर बुरा असर डालता है। तनाव का आपके इम्‍युन सिस्‍टम पर कैसे असर डालता है, इस बारे में इंस्‍टीट्यूट ऑफ साइको मैट्रिक्स असेसमेंट एण्‍ड कांउसलिंग की चेयरपर्सन और माइंड डिजाइनर, डॉक्‍टर कोमलप्रीत कौर से बात की डॉ. कौर कहती हैं: इम्‍युन सिस्‍टम हमारे शरीर की बीमारियों के खिलाफ रक्षा करने में मदद करता है। लेकिन जब आप तनाव में होते हैं, तो इससे आपका इम्‍युन सिस्‍टम कमजोर होता है। उदाहरण के लिए देखा जाए, तो जैसे एक बॉल दीवार से आकर टकरा जाए और इतने में दीवार टूट जाए, तो इसका मतलब है कि दीवार कमजोर थी। ठीक इसी प्रकार हमारी इम्‍युनिटी हमारे शरीर की एक दीवार समान है, जो यदि मजबूत है, तो वायरस या कोई बीमारी हमारे शरीर पर अटैक नहीं कर पाती है। लेकिन अगर वही दीवार कमजोर होगी, तो बीमारियां हमारे शरीर पर आसानी से हमला कर सकती हैं।


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